मुंबई, 27 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के स्वारगेट डिपो में महिला के साथ बलात्कार की घटना ने इस चिंताजनक तथ्य को सामने ला दिया है कि इस ट्रांसपोर्टर पर लगभग तीन वर्षों से मुख्य सुरक्षा एवं सतर्कता अधिकारी (सीएसवीओ) नहीं है।
मंगलवार की सुबह एसटी बस के अंदर हिस्ट्रीशीटर दत्तात्रेय रामदास गाडे (37) ने महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। गाडे को पकड़ने के लिए पुलिस ने 13 टीम गठित की हैं।
तीस जून 2022 को डीआईजी रैंक के अधिकारी सीवीएसओ एमके भोसले की सेवानिवृत्ति के बाद पद को संयुक्त आयुक्त के रूप में पिंपरी चिंचवड़ आयुक्तालय में स्थानांतरित कर दिया गया।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह पद आईजी रैंक का था, जिसे पदावनत कर भोसले के लिए डीआईजी रैंक का कर दिया गया। करीब तीन साल पहले उनकी सेवानिवृत्ति के बाद से एमएसआरटीसी में सीवीएसओ का पद रिक्त है। मुख्य सुरक्षा अधिकारी का पद 1949 से प्रचलित था, उसके बाद इसका नाम बदलकर मुख्य सुरक्षा एवं सतर्कता अधिकारी कर दिया गया।’’
अधिकारी ने बताया कि एमएसआरटीसी के पास राज्य के 36 जिलों में 252 बस डिपो हैं, जिनमें 31 डिवीजन और 36 कार्यशालाएं हैं।
उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों की सुरक्षा का जिम्मा 2700 सुरक्षा गार्ड के पास है, जिन्हें सुरक्षा गार्ड बोर्ड और महाराष्ट्र पूर्व सैनिक निगम लिमिटेड (एमईएससीओ) द्वारा नियुक्त किया गया है। इनमें से लगभग 150 सुरक्षा गार्ड एमएसआरटीसी के हैं।
एमएसआरटीसी के बेड़े में 15,000 से अधिक बस हैं, जो पहले 18,500 से कम थीं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच साल से नई बसों को नहीं खरीदा गया, लेकिन अब 2500 नई बसों को खरीदा गया है, जिनमें से 300 को बेड़े में शामिल कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पद के महत्व को देखते हुए एक समय इस पर भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी तैनात हुआ करते थे।
भाषा देवेंद्र मोना
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