नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) एनबीसीसी ने लगभग 25,000 फ्लैट का निर्माण पूरा कर लिया है और बकाया भुगतान न कर पाने वाले घर खरीदारों के 6,686 फ्लैट को बेचकर अब तक 3,177 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। उच्चतम न्यायालय में यह जानकारी दी गई है।
उच्चतम न्यायालय ने एनबीसीसी को आम्रपाली समूह की अटकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने का काम सौंपा था।
इस मामले में ‘कोर्ट रिसीवर’ नियुक्त किए गए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ के समक्ष पेश नवीनतम स्थिति रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
अगस्त, 2021 में कर्ज न चुका पाए घर खरीदारों को उचित अवसर देने के बाद एनबीसीसी को अब तक न बिक पाए फ्लैट बेचने की अनुमति दी गई थी।
वेंकटरमणी ने कहा, ‘‘ ‘कोर्ट रिसीवर’ 4,959 बिना बिके फ्लैट एनबीसीसी को बिक्री के लिए जारी कर चुका है। इनमें से 4,733 इकाइयां बेची जा चुकी हैं जिनका कुल बिक्री मूल्य 2,617 करोड़ रुपये है। इनमें से 15 जनवरी 2025 तक 2,165 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।’’
वेंकटरमणी ने कहा कि ‘डिफॉल्टर’ और ‘पंजीकृत लेकिन भुगतान नहीं करने वाली’ श्रेणी की 1,953 इकाइयों को भी बिक्री के लिए एनबीसीसी को जारी कर दिया गया है। इन इकाइयों को कुल 1,244 करोड़ रुपये के बिक्री मूल्य पर बेचा गया।
इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर एनबीसीसी ने कुल 6,686 फ्लैट बेच दिए हैं जिनका कुल बिक्री मूल्य 3,861 करोड़ रुपये है। इनमें से कुल 3,177 करोड़ रुपये का भुगतान मिल चुका है।
अटॉर्नी जनरल ने कहा कि एनबीसीसी ने 2020 से दिसंबर, 2024 तक कुल 25,000 फ्लैटों का निर्माण पूरा कर लिया। ये फ्लैट आम्रपाली समूह की नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्रों में स्थित विभिन्न परियोजनाओं में शामिल हैं।
उच्चतम न्यायालय ने कई वर्षों तक फ्लैटों का निर्माण अटके रहने के बाद सरकारी निर्माण कंपनी एनबीसीसी को इनका निर्माण पूरा करने का दायित्व सौंपा था। इस प्रक्रिया पर निगरानी के लिए कोर्ट रिसीवर की नियुक्ति भी की गई थी।
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देवेंद्र प्रेम
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