नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डी एन पटेल मंगलवार को एक संसदीय समिति के समक्ष ‘एक साथ चुनाव’ संबंधी विधेयक पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। समिति के अध्यक्ष पी पी चौधरी ने यह जानकारी दी।
पटेल, दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैं।
चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि समिति कई कानूनी विशेषज्ञों से राय मांग रही है। उन्होंने कहा कि प्राप्त होने वाले सुझाव समिति को अपनी सिफारिशें तैयार करने में मदद करेगी।
सूत्रों ने कहा कि लोकसभा द्वारा समिति का कार्यकाल एक या दो दिन में बढ़ाने की संभावना है, क्योंकि इसे अपना काम पूरा करने के लिए और समय की आवश्यकता होगी।
समिति को संसद सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।
समिति, फिलहाल कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करने की प्रक्रिया में है और वेंकटरमणी तथा पटेल अन्य हितधारकों की सुनवाई करने से पहले कानून और संविधान के विशेषज्ञों से विचार प्राप्त करने की अपनी कवायद के तहत इसके समक्ष उपस्थित होंगे।
उच्चतम न्यायालय के पूर्व प्रधान न्यायाधीश यू यू ललित और रंजन गोगोई, विधि वेत्ता हरीश साल्वे और दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ए पी शाह उन लोगों में शामिल हैं, जो अब तक समिति के समक्ष उपस्थित हुए हैं और प्रस्तावित कानून से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर इसके सदस्यों के सवालों के जवाब दिए हैं।
समिति में वर्तमान में दो विशेष आमंत्रित सदस्यों को छोड़कर 38 सदस्य हैं।
भाषा सुभाष दिलीप
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