मेरठ (उप्र) दो अप्रैल (भाषा) मेरठ की एक अदालत ने हत्या के सात वर्ष पुराने मामले में एक व्यक्ति और उसके दो पुत्रों समेत पांच लोगों को बुधवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता बबीता वर्मा ने बताया कि अपर जिला सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई और इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 15-15 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
वर्मा ने बताया कि पांच दिसम्बर 2018 को विकास कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि प्रेम-प्रसंग के कारण उनकी चाची के बेटे संजीव (24) की गुलाब सिंह, उसके बेटे पम्मी और जोनी उर्फ विशाल ने सन्नी और राहुल के साथ मिलकर ने हत्या कर दी तथा पहचान छिपाने की नीयत से शव को कार की सीट पर रख कर उसमें आग लगा दी।
उनके अनुसार संजीव मवाना थानाक्षेत्र के जंघेड़ी गांव का निवासी था जबकि गुलाब सिंह पल्लवपुरम के मोदीपुरम फेस टू का रहने वाला है।
बबीता वर्मा ने बताया कि इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ भादंसं की हत्या और साक्ष्य छिपाने से सम्बन्धित धाराओं में गंगानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
उन्होंने बताया कि अदालत ने गुलाब सिंह, उसके दोनों बेटों–पम्मी और जोनी उर्फ विशाल के अलावा सन्नी तथा राहुल को बुधवार को दोषी करार दिया एवं उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
वर्मा के मुताबिक अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
वर्मा के अनुसार घटना के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला था। संजीव के गुलाब सिंह की बेटी के साथ प्रेम संबंध थे।
अधिवक्ता के मुताबिक घटना के दिन संजीव को गुलाब सिंह ने घर पर मिलने के लिए बुलाया था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी थी। लड़की घर पर थी और दो दिन बाद उसी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ था।
भाषा सं आनन्द
राजकुमार
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