भुवनेश्वर, पांच अप्रैल (भाषा) भारतीय उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) ने ओडिशा सरकार से ढेंकनाल में बीजू पटनायक उड्डयन केंद्र (बीपीएसी) चलाने के लिए बोली प्रक्रिया में पिछले तीन वर्षों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर की शर्त में ढील देने की मांग की है।
एफटीओ का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान हुए भारी वित्तीय नुकसान के कारण उनमें से कोई भी टर्नओवर से जुड़ी शर्त को पूरा नहीं कर सका है। इसकी वजह यह है कि पिछले तीन वर्षों के टर्नओवर में महामारी की अवधि भी शामिल है।
हालांकि इस बारे में संपर्क किए जाने पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार का इस संबंध में कोई भी फैसला लिया जाना अभी बाकी है।
ओडिशा सरकार ने इस उड्डयन केंद्र के संचालन साझेदार के चयन के लिए पहले ही एक निविदा जारी की हुई है।
इस केंद्र का उद्देश्य राज्य के युवाओं को पायलट और चालक दल से संबंधित गतिविधियों में प्रशिक्षित करना है। इसके लिए ढेंकनाल के बिरसाल में 562 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है, जिसमें एक हवाई पट्टी, हैंगर, सेवा भवन, छात्रावास, 53 प्रशिक्षक विमान और तीन सिम्यूलेटर शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, चार भारतीय एफटीओ इस परियोजना में भाग लेने के इच्छुक हैं लेकिन टर्नओवर से जुड़ी शर्त के कारण बोली नहीं लगा पा रहे हैं।
ओडिशा सरकार का कहना है कि भारत को अगले 20 वर्षों में लगातार 2,000 पायलटों को प्रशिक्षित करने की जरूरत है जबकि मौजूदा फ्लाइंग स्कूल सालाना केवल 900-1000 पायलट ही तैयार कर पाते हैं। प्रस्तावित बीपीएसी परियोजना का लक्ष्य सालाना लगभग 500 पायलटों को प्रशिक्षित करके इस अंतर को पाटना है।
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