पटना, पांच अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 के प्रावधानों में संशोधन की मांग की ताकि महाबोधि महाविहार मंदिर का प्रबंधन बौद्धों को सौंपा जा सके।
राजग के गठबंधन सहयोगी आरएलएम के प्रमुख ने यह भी मांग की कि सम्राट अशोक के सम्मान में राज्य की राजधानी पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र रखा जाए।
यहां संवाददाताओं से बातचीत में कुशवाहा ने कहा, ‘बौद्ध समुदाय मांग कर रहा है कि अन्य धर्मों के लोगों को बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) का हिस्सा नहीं होना चाहिए, जो विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के प्रबंधन की देखरेख करती है।’
उन्होंने कहा, ‘बीटीएमसी में चार-चार बौद्ध और चार-चार हिंदू सदस्य हैं, जबकि गया के जिलाधिकारी इसके पदेन अध्यक्ष हैं। मैं मांग करता हूं कि संबंधित अधिकारी इस मुद्दे का समाधान करें और बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 के प्रावधानों में संशोधन करके मंदिर प्रबंधन समिति पर बौद्धों का नियंत्रण सुनिश्चित करें।’
उन्होंने कहा, ‘मैं सनातन धर्म के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे आगे आएं और मंदिर (जो बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र तीर्थस्थल है) का नियंत्रण बौद्धों को सौंप दें।’
भाषा
शुभम माधव
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