नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने बुधवार को कहा कि भारतीय निर्यातक समुदाय अमेरिका के संभावित जवाबी शुल्क को लेकर ‘बहुत’ चिंतित है, क्योंकि यह अमेरिका को किए जाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के निर्यात को गंभीर रूप से चोट पहुंचा सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को आगे आना चाहिए और निर्यातकों को इन शुल्क से निपटने के लिए समर्थन करना चाहिए।
रल्हन ने पीटीआई-भाषा से कहा, “10 प्रतिशत की सीमा में जवाबी शुल्क प्रबंधनीय हैं, लेकिन इससे ज्यादा शुल्क के भारतीय निर्यातक समुदाय, विशेष रूप से एमएसएमई पर गंभीर निहितार्थ होंगे। शुल्क का अमेरिका के लिए भारत के निर्यात पर अल्पकालिक प्रभाव पड़ेगा क्योंकि दोनों देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि अमेरिकी शुल्क निश्चित रूप से अमेरिकी बाजार में भारतीय माल की मांग को प्रभावित करेंगे। खरीदारों पहले से ही अपने ऑर्डर रोक रहे हैं, क्योंकि आयात शुल्क को लेकर अनिश्चितता है।
कृषि, कीमती पत्थर, रसायन, फार्मा, चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रिकल और मशीनरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के उत्पाद अमेरिकी शुल्क से प्रभावित हो सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बृहस्पतिवार सुबह (भारत के समय) के लिए निर्धारित शुल्क घोषणाएं, अमेरिका के लिए एक ‘मुक्ति दिवस’ होंगी।
रल्हन ने कहा कि इन शुल्कों का प्रभाव 2025-26 की पहली तिमाही के व्यापारिक आंकड़ों में दिख सकता है।
भाषा अनुराग अजय
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