नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा घोषित जवाबी शुल्क से भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 0.50 प्रतिशत तक घटकर छह प्रतिशत रह सकती है। साथ ही इससे अमेरिका को देश के निर्यात में दो से तीन प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है।
वित्तीय सेवा कंपनी ईवाई के मुख्य नीति सलाहकार डी के श्रीवास्तव ने कहा, “भारत की जीडीपी वृद्धि पर अधिकतम प्रतिकूल प्रभाव 0.50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। हमारे पहले के अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान 6.5 प्रतिशत था, जो बिना किसी प्रतिक्रिया के छह प्रतिशत तक कम हो सकता है।”
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की भारत में शोध प्रमुख अनुभूति सहाय ने कहा, ‘‘हमारे विचार से अमेरिका को भारतीय निर्यात पर 20 प्रतिशत शुल्क वृद्धि (छूट प्राप्त वस्तुओं पर विचार करने के बाद) से भारत की जीडीपी पर 0.35-0.40 प्रतिशत का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
सहाय ने कहा, “हालांकि, अंतिम प्रभाव भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, प्रस्तावित शुल्क पर दोनों देशों में बातचीत पर भी अंतिम प्रभाव निर्भर करेगा।”
उन्होंने कहा कि उच्च शुल्क दर लागू होने पर भारत के सकल घरेलू उत्पाद में हानि अवश्यंभावी है, लेकिन अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि अन्य देश भारत की तुलना में उच्च शुल्क दरों से प्रभावित हुए हैं या विशेष रूप से गैर-छूट वाले क्षेत्रों में अमेरिका के साथ बड़ा व्यापार अधिशेष चला रहे हैं।
ईवाई के श्रीवास्तव के अनुसार, अमेरिकी शुल्क वृद्धि से देश की विनिमय दर पर अनुकूल प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि मुद्रास्फीति में संभावित वृद्धि के कारण अमेरिका में डॉलर दबाव में आ सकता है।
भाषा अनुराग अजय
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