नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय भारत पर अमेरिका के जवाबी शुल्क के प्रभावों की सावधानीपूर्वक जांच कर रहा है और इस मुद्दे पर घरेलू उद्योग तथा निर्यातकों सहित विभिन्न पक्षों की राय जानने को लेकर उनके साथ बातचीत कर रहा है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि वह अमेरिकी व्यापार नीति में इस कदम के कारण उत्पन्न होने वाले अवसरों का भी अध्ययन कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी व्यापार भागीदारों से आयात पर 10 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त मूल्यानुसार शुल्क लगाने की घोषणा की है। 10 प्रतिशत का बेसलाइन यानी संदर्भ शुल्क पांच अप्रैल से और 27 प्रतिशत नौ अप्रैल से प्रभावी होगा। कुछ क्षेत्रों को इन शुल्कों से छूट दी गई है जिनमें औषधि, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा उत्पाद शामिल हैं।
बयान के अनुसार, ‘‘वाणिज्य विभाग अमेरिका के राष्ट्रपति की विभिन्न उपायों/घोषणाओं के प्रभाव का सावधानीपूर्वक आकलन कर रहा है।’’
इसने यह भी कहा कि पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के शीघ्र समापन के लिए भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते में आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने सहित आपसी हितों के कई मुद्दे शामिल होंगे। भारत और अमेरिका के बीच जारी बातचीत दोनों देशों को व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण बढ़ाने में सक्षम बनाने पर केंद्रित है।
वाणिज्यि विभाग ने कहा, ‘‘हम इन मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में उन्हें आगे बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं।’’
बयान के अनुसार, भारत] अमेरिका के साथ अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को महत्व देता है और दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाषा रमण अजय
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